मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना एवं स्पॉन्सरशिप योजना: जरूरतमंद बच्चों के संरक्षण हेतु जनपद में महत्वपूर्ण पहल
140 अधिकारियों ने बच्चों की जिम्मेदारी ली।
डीएम एवं सीडीओ ने 10-10 बच्चों को लिया गोद, अन्य अधिकारियों ने 05-05 बच्चों का दायित्व संभाला
डीएम ने गोद लिए बच्चों के साथ किया संवाद
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना एवं स्पॉन्सरशिप योजना उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाएं हैं, जिनका उद्देश्य ऐसे बच्चों को संरक्षण, आर्थिक सहायता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं एवं समुचित देखभाल प्रदान करना है जिनके एक अभिभावक या दोनों अभिभावक नहीं हैं अथवा जो विशेष परिस्थितियों से प्रभावित हैं। इन योजनाओं के माध्यम से बच्चों के समग्र विकास एवं सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित किया जाता है।
इसी क्रम में जनपद में एक अभिनव एवं संवेदनशील पहल की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत 140 अधिकारियों द्वारा लाभान्वित बच्चों को गोद लेकर उनके समग्र विकास की जिम्मेदारी ली गई है। इसका उद्देश्य बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
इस पहल के अंतर्गत जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन एवं मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता द्वारा स्वयं 10-10 बच्चों को गोद लिया गया, जबकि अन्य अधिकारियों द्वारा प्रत्येक 05-05 बच्चों का दायित्व ग्रहण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट में गोद लिए गए बच्चों के साथ आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, रुचियों एवं भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि “प्रशासन प्रत्येक बच्चे के साथ खड़ा है। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अधिकारी सीधे सहयोग करेंगे। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
इस पहल के अंतर्गत अधिकारी समय-समय पर बच्चों से संपर्क बनाए रखेंगे तथा उनकी शैक्षिक प्रगति, स्वास्थ्य स्थिति एवं सामाजिक सुरक्षा की निगरानी करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर बच्चों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
यह नई पहल न केवल बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेगी, बल्कि समाज में संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व की भावना को भी सुदृढ़ करेगी।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी,जिला प्रोबेशन अधिकारी व अन्य संबंधित अधिकारी / कर्मचारीगण उपस्थित रहें।
