17 मार्च से शुरू होगी 48 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद, सभी क्रय केंद्रों पर सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश
शासन के निर्देशों के अनुपालन में जनपद में आगामी रबी विपणन सत्र 2026-27 के तहत गेहूं खरीद की सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिए हैं कि किसानों को केंद्रों पर किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी फसल का उचित मूल्य समयबद्ध तरीके से दिलाया जाए।
प्रमुख बिंदु एवं व्यवस्थाएं-
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)- इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
खरीद की अवधि- सरकारी खरीद 17 मार्च 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगी।
क्रय केंद्र और संसाधन- जनपद में कुल 48 क्रय केंद्र खोले गए हैं। वर्तमान में 97,000 बोरे (194 गांठ) उपलब्ध हैं। सभी केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटे, नमी मापक यंत्र और स्टेशनरी की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है।
पंजीकरण अनिवार्य- गेहूं बिक्री के लिए किसानों को खाद्य विभाग के पोर्टल https://fcs.up.gov.in पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। अब तक 424 किसान अपना पंजीकरण करा चुके हैं।
सत्यापन प्रक्रिया- पारदर्शी खरीद हेतु जमीन के रकबे का डिजिटल सत्यापन (DSC के माध्यम से) किया जाएगा। 3 हेक्टेयर तक तहसीलदार, 3-5 हेक्टेयर तक उपजिलाधिकारी और 5 हेक्टेयर से अधिक का सत्यापन अपर जिलाधिकारी द्वारा किया जाएगा।
त्वरित भुगतान- किसानों को उनकी उपज का भुगतान 48 घंटे के भीतर उनके आधार लिंक बैंक खाते में PFMS के माध्यम से सीधे भेज दिया जाएगा।
स्टाफ एवं लॉजिस्टिक्स-सभी क्रय केंद्रों पर स्टाफ की नियुक्ति हो चुकी है। साथ ही, परिवहन और हैंडलिंग के लिए ठेकेदारों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी पूर्ण है। केंद्रों की जियो-टैगिंग भी कराई जा रही है।
शिकायत निवारण एवं सहायता-
किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु जनपद में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसान निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
जनपद कंट्रोल रूम: 05263-235718
विभागीय टोल फ्री नंबर: 1800-1800-150
जिलाधिकारी की अपील-
जिलाधिकारी ने अपील की है कि किसान भाई बिचौलियों के झांसे में न आएं और अपनी उपज सरकारी केंद्रों पर ही बेचें। किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल कंट्रोल रूम या संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
