पराक्रम दिवस पर नागरिक सुरक्षा जागरूकता 23 जनवरी को ब्लैकआउट एक्सरसाइज
*सुभाष चंद्र बोस जयंती के अवसर पर सिविल डिफेंस द्वारा जनपद में विशेष अभ्यास*
*जनपदवासियों से अपील—सायं 06:00 बजे से बंद रखें घरों/प्रतिष्ठानों की सभी लाइटें, बाहर रोशनी न दिखे*
दिनांक: 21 जनवरी, 2026
नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती “पराक्रम दिवस” के अवसर पर नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने हेतु डीएम श्री विपिन कुमार जैन के निर्देशन में सिविल डिफेंस, बलरामपुर द्वारा दिनांक 23.01.2026 को सायं 06:00 बजे से “ब्लैकआउट एक्सरसाइज” आयोजित की जा रही है।
*यह अभ्यास पुलिस लाइन बलरामपुर एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में किया जाएगा, जिसमें बचाव संबंधी आपातकालीन व्यवस्थाओं एवं आपदा-प्रबंधन प्रक्रियाओं का अभ्यास/प्रदर्शन किया जाएगा।*
ब्लैकआउट की तैयारियों एवं विभागीय समन्वय के संबंध में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कल दिनांक 22 जनवरी, 2026 को संबंधित विभागों के साथ बैठक आयोजित की गई है, जिसमें सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए अभ्यास को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु कार्ययोजना निर्धारित की जाएगी।
सिविल डिफेंस द्वारा आमजन से अपील की गई है कि निर्धारित समय पर अपने घरों, कार्यालयों, दुकानों/प्रतिष्ठानों की सभी लाइटें, इन्वर्टर, टॉर्च/फ्लैशलाइट आदि को पूर्ण रूप से बंद रखें, ताकि बाहर किसी प्रकार की रोशनी दिखाई न दे।
ब्लैकआउट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हवाई हमले/युद्ध जैसी विषम परिस्थितियों में रोशनी के कारण कोई भी स्थान चिन्हित न हो, तथा संभावित जन-धन हानि की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
*ब्लैकआउट के दौरान क्या करे*
कृपया अपने घरों के अंदर रहें।
घर/प्रतिष्ठान की सभी लाइटें एवं इन्वर्टर पूर्ण रूप से बंद रखें।
बाहर किसी प्रकार की माचिस, टॉर्च, मोबाइल फ्लैशलाइट का प्रयोग न करें।
यदि कहीं से रोशनी बाहर निकल रही हो तो उसे काले कागज/कपड़े से ढकें।
शांत रहें, अनावश्यक भीड़/शोर न करें।
धूम्रपान न करें।
किसी भी प्रकार की तेज रोशनी वाले साधनों का प्रयोग न करें।
सिविल डिफेंस/वार्डन के निर्देशों का पालन करें।
भविष्य में संभावित आपात परिस्थितियों के लिए जागरूक एवं सजग रहें।
यह अभ्यास जन-जागरूकता हेतु है,कृपया पूर्ण सहयोग करें
सिविल डिफेंस विभाग ने समस्त जनपदवासियों से अपील की है कि पराक्रम दिवस के अवसर पर आयोजित इस ब्लैकआउट अभ्यास को गंभीरता से लेते हुए पूर्ण सहयोग प्रदान करें, ताकि आपदा/युद्ध जैसी परिस्थितियों में जनपद की तैयारियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
