चिकित्सा सुविधाओं को और सुदृढ़ किए जाने की दिशा में डीएम की नवीन पहल

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चिकित्सा सुविधाओं को और सुदृढ़ किए जाने की दिशा में डीएम की नवीन पहल

आयुष, होम्योपैथी एवं स्वास्थ्य विभाग मिलकर करेंगे समन्वित कार्य

मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला, टीकाकरण एवं टीबी नियंत्रण कार्यक्रम पर रहेगा विशेष फोकस

जनपद में आमजन को और बेहतर, प्रभावी एवं समयबद्ध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन द्वारा एक नवीन पहल की गई है।

इस पहल के अंतर्गत जनपद में चिकित्सा व्यवस्था को अधिक मजबूत, समन्वित और परिणामोन्मुख बनाने हेतु आयुष विभाग, होम्योपैथी विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग को एक साझा मंच पर लाते हुए समन्वय के साथ कार्य करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

जिलाधिकारी ने कहा कि अब जनहित में तीनों विभाग एक-दूसरे के साथ समन्वय स्थापित कर, साझा जिम्मेदारी के साथ कार्य करेंगे, जिससे चिकित्सा सुविधाओं की गुणवत्ता एवं पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होगा और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा आयुष एवं होम्योपैथी चिकित्सकों के साथ बैठक किया गया एवं विस्तार से दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी तथा जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रमों—विशेषकर नियमित टीकाकरण, क्षय रोग (टीबी) नियंत्रण कार्यक्रम, रोगों की स्क्रीनिंग/जांच, तथा जनपद में आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले को प्रभावी रूप से सफल बनाने हेतु सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

डीएम द्वारा निर्देशित किया कि जनपद में आयोजित होने वाली सभी स्वास्थ्य समिति एवं न्यूट्रीशन समिति की बैठकों में आयुष एवं होम्योपैथी विभाग की सहभागिता सुनिश्चित की जाए, ताकि योजनाओं की प्रगति, निगरानी एवं कार्ययोजना पर समुचित समन्वय बन सके।

जनपद में प्रत्येक रविवार आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में आयुष एवं होम्योपैथी विभाग के चिकित्सकों की उपस्थिति/सेवा अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, जिससे आमजन को एक ही स्थान पर बहुविध उपचार सुविधा उपलब्ध हो। पीएचसी/सीएचसी पर होने वाले स्वास्थ्य सत्रों एवं सेवाओं का नियत रूप से पर्यवेक्षण कराया जाए और संबंधित चिकित्सा अधिकारियों द्वारा सत्रों के निरीक्षण को नियमित बनाया जाए। ओपीडी में आने वाले ऐसे मरीज जो 02 सप्ताह से अधिक समय से खांसी से ग्रसित हों, उनकी टीबी की शीघ्र पहचान हेतु बलगम जांच/एक्स-रे/सैंपल कलेक्शन आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराते हुए संदिग्ध मामलों को तत्काल चिन्हित किया जाए, ताकि टीबी नियंत्रण कार्यक्रम को और प्रभावी बनाया जा सके।

समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रमों में स्वास्थ्य विभाग के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित करते हुए आयुष/होम्योपैथी विभाग द्वारा अपेक्षित सहयोग प्रदान किया जाए।

सभी चिकित्सा अधिकारी लगातार अधीक्षक/प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के संपर्क में रहकर आवश्यक सहयोग एवं समन्वय बनाए रखें।

जनपद में संचालित सभी रोगों की स्क्रीनिंग/जांच एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों में विभागीय सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस समन्वित प्रणाली से सेवाओं की दोहराव समाप्त होगी, विभागीय कार्यों में बेहतर तालमेल बनेगा, आमजन को गुणवत्तापूर्ण उपचार और समय पर परामर्श मिलेगा तथा स्वास्थ्य योजनाओं की ग्राउंड लेवल डिलीवरी और अधिक प्रभावी होगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।