सीमावर्ती युवाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा का मिला मूल मंत्र, 

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सीमावर्ती युवाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा का मिला मूल मंत्र,

सात दिवसीय सेना भर्ती प्रशिक्षण शिविर में प्रतिदिन 150 युवाओं को मिल रही ट्रेनिंग

कुबेरमती पांडेय मेमोरियल इंटर कॉलेज में सीमा जागरण मंच से चल रहा प्रशिक्षण शिविर

बलरामपुर संवाददाता

रविवार को सीमा जागरण मंच के तत्वाधान में सात दिवसीय सेना भर्ती कोचिंग शिविर में नेपाल सीमा से सटे ब्लॉकों के युवाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा की ट्रेनिंग दीगई। यह ट्रेनिंग शिक्षाविदों के साथ-साथ सेना के अधिकारियों ने दी है।

ब्लॉक मुख्यालय श्री दत्तगंज के कुबेरमती पांडेय मेमोरियल इंटर कॉलेज में सीमा जागरण कार्यक्रम में जे एन यू दिल्ली के प्रोफेसर डॉ दीप नारायण पांडेय, शिक्षा विद उमेश मिश्रा एवं वरिष्ठ चिकित्सक नेत्र सर्जन डॉक्टर कुलदीप विश्वकर्मा ने युवाओं को राष्ट्र रक्षा का अभ्यास वर्ग कराया है अभ्यास वर्ग में अतिथियों ने युवाओं को सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ प्रत्येक गतिविधि से सतर्क रहने की जानकारी दी है इसके साथ-साथ छात्रों को करियर को लेकर लक्ष्य हासिल करने के टिप्स दिएहैं। कार्यक्रम संयोजक एमएलकेपीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर जेपी पांडेय ने सीमा जागरण मंच के प्रशिक्षण कार्यक्रम को राष्ट्रीय हित में युवाओं के लिए समर्पित कार्यक्रम बताया है। अध्यक्ष ओमप्रकाश मिश्रा ने कहा कि सीमा सुरक्षित होगा तो राष्ट्र सुरक्षित रहेगा।सह संयोजिका डॉक्टर पम्मी पांडेय ने बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है उन्होंने कहा कि आज बेटियां अंतरिक्ष से लेकर आकाश में उड़ान भरकर अपने हौसले को बुलंद किया है उन्होंने बेटियों को राष्ट्रहित को सर्वोच्च रखते हुए लक्ष्य को हासिल करने के लिए गुरु मंत्र दिया है। जिला महामंत्री संजय यादव ,कोषाध्यक्ष बालक राम मिश्रा ने प्रशिक्षण वर्ग में अपने अनुभव को साझा करते हुए युवाओं को देश हित में कुछ कर गुजरने के लिए प्रेरित किया है। पूर्व कमिश्नर एवं सीमा जागरण मंच के पदाधिकारी उत्सवानंद ने अपने कार्य अनुभव को साझा करते हुए छात्र-छात्राओं को सीमा पर समर्पण भावना से कार्य करने के लिए प्रेरित किया है। प्रशिक्षण एवं अभ्यास वर्ग में विधायक उतरौला राम प्रताप वर्मा ,वरिष्ठ भाजपा नेता प्रकाश चंद्र मिश्रा, ब्लॉक प्रमुख राकेश तिवारी, नगर पालिका उतरौला अध्यक्ष प्रतिनिधि अनूप गुप्ता, डॉ कुलदीप विश्वकर्मा शिक्षाविद उमेश चंद्र मिश्रा आदि विशेष सहयोगी रहे हैं।