पचपेड़वा *प्रबंधक द्वारा चोरी-छुपे बिना पारदर्शिता के षड्यंत्र के तहत मदरसे में की गई लिपिक और सहायक अध्यापक की नियुक्ति*
*मदरसे में नियुक्ति के लिए नहीं किया गया किसी पेपर में गजट व नहीं हुआ किसी प्रकार का साक्षात्कार-प्रधानाचार्य*
क्या बलरामपुर में अभी भी सक्रिय है शिक्षा माफिया?
शिकायत कर्ताओं ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की जांच कराकर कार्यवाही की मांग।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्देश जारी किया गया है कि किसी भी सरकारी संस्था में किसी पद पर नियुक्ति के लिए दिशा-निर्देश व जो मानक दिए गए हैं उसी के अनुसार ही नियुक्ति किया जाए।किंतु कुछ जगहों पर सरकारी मानकों व नियमों को दरकिनार करके आपसी साथ-गाँठ से नियुक्तियां कर दी जाती है, जैसा कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में जांचोंपरान्त कई शिक्षकों के ऊपर कार्रवाई की गई है।जनपद बलरामपुर में भी कुछ शिक्षक इसी जांच की श्रेणी में आकर अपनी नौकरी को गवा दिये है।ठीक उसी प्रकार से एक मामला प्रकाश में आया कि जनपद बलरामपुर के पचपेड़वा क्षेत्र के अंतर्गत मदरसा अरबिया फैजुल उलूम पिपरी पोस्ट बनघुसरी में भी चोरी-चुपके व षड्यन्त्र कर दो नियुक्तियां सन 2025 में की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त मदरसे में एक लिपिक के पद पर मकसूद आलम और एक सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति की गई है।सूत्रों से मिली जानकारी से पता चला कि मदरसा अरबिया फैजुल उलूम पिपरी के प्रबंधक के द्वारा शासन के द्वारा दिए गए नियमों और निर्देशों में कुछ अनदेखी करके लिपिक और सहायक अध्यापक की नियुक्ति की गई है।
*नियुक्ति से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण बिन्दु:-*
मदरसा के प्रधानाचार्य मोहम्मद इरफान से जब इस संबंध में बात किया गया तो उन्होंने बताया कि इस नियुक्ति की प्रक्रिया के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।उन्होंने यह भी बताया कि लिपिक के पद पर मकसूद आलम और सहायक अध्यापक नुरुलहुदा की नियुक्ति का पत्र लेकर प्रबंधक नुरुलहक खाँ हमारे पास आए और कहा कि इस नियुक्ति-पत्र पर हस्ताक्षर करके दोनों को विद्यालय में नियुक्ति कर लो। मैंने प्रबंधक के ऊपर विश्वास करके दोनों लोगों को लिपिक व सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त कर लिया।जब हमने प्रबंधक नुरुलहक खाँ से इन दोनों की नियुक्ति के संबंध में अभिलेख मांगा तो उन्होंने मुझे नहीं दिया। प्रधानाचार्य ने यह भी बताया कि इन दोनों की नियुक्ति के संबंध में कब समिति की बैठक हुई,किस पेपर में इसका गजट किया गया यह सब जानकारी मुझे नहीं है।प्रधानाचार्य ने तो यह भी बताया कि इस मदरसे में इन दोनों पद की नियुक्ति के संबंध में किसी प्रकार की कोई प्रतियोगिता परीक्षा भी नहीं आयोजित की गई है और न ही किसी प्रकार का यहां पर कोई साक्षात्कार किया गया है।इन दोनों की नियुक्ति किस आधार पर किया गया है उसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है।इससे स्पष्ट होता है कि इन दोनों पदों की नियुक्ति करते समय कुछ न कुछ तथ्य कुछ पाया गया है।
मदरसा अरबिया फैजुल उलूम पिपरी प्रबंध समिति के अध्यक्ष मसूर आलम ने बताया कि इस मदरसे में जो भी काम किया जाता है वह सब प्रबंधक की मनमानी से किया जाता है।मदरसे में जो एक लिपिक के पद पर मकसूद आलम और एक सहायक अध्यापक के पद पर नूर अल्लाह की जो नियुक्तियां की गई है उसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है।इन दोनों नियुक्तियों के संबंध में न तो मदरसा समिति की किसी भी प्रकार से बैठक की गई और न ही किसी प्रकार का समिति के द्वारा प्रस्ताव भी पास किया गया है।इन दोनों की नियुक्ति करने का केवल एक ही कारण है कि यह दोनों प्रबंधक के बहुत ही करीबी है।जब प्रबंधक ने मार्च 2023 में इन दोनों की नियुक्ति करने की कोशिश की तब इनका विरोध किया गया था तथा इसकी लिखित शिकायत जिलाधिकारी सहित अन्य उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत की गई तब जाकर इस नियुक्ति को रोका गया।मदरसा समिति के सदस्यों का कहना था कि नियमानुसार जो इस पद के योग्य हो उसे नियुक्त किया जाना चाहिए।लेकिन प्रबंधक अपनी मनमानी के आगे किसी की नहीं सुन रहे थे।समिति के अध्यक्ष मसूर आलम ने यह भी बताया कि प्रबंधक के इसी मनमानी रवैये से तंग आकर हम अपने पद से त्याग पत्र देने वाले हैं और यह जो नियुक्तियां की गई है वह चोरी-छुपी की गई है।इससे ज्ञात होता है कि दोनों नियुक्तियों में कुछ न कुछ तो गड़बड़ है जो सभी से छुपाया जा रहा है।
मदरसा अरबिया फैजुल उलूम पिपरी की प्रबंध समिति के कुछ सदस्यों का कहना है कि जब मार्च 2023 में हम सभी को यह ज्ञात हुआ कि प्रबंधक अपने करीबियों की नियुक्ति करना चाहते हैं तो हम सभी ने इसका काफी विरोध किया तथा इसकी शिकायत हम लोगों के द्वारा उच्चधिकारियों से की गई।मदरसा समिति के पूर्व उप प्रबंधक रियाज अहमद,पूर्व नायक सेक्रेटरी मोहम्मद अयूब,प्रधान सदस्य मोहम्मद इशहाक तथा सदस्य मोहम्मद उमर ने इसकी लिखित शिकायत 27 मार्च 2023 में जिलाधिकारी बलरामपुर से किया था जिसमें उनके द्वारा कहा गया है कि मदरसा अरबिया फैजुल उलूम पिपरी के प्रबंधक नुरुलहक खाँ द्वारा अवैध रूप से एक लिपिक तथा एक मुदर्रिस( सहायक अध्यापक )की नियुक्ति की जा रही है जिसे रोका जाना अति आवश्यक है ।इन्होंने शिकायती प्रार्थना पत्र में यह भी कहा कि इन दोनों की नियुक्ति के लिए सारी प्रक्रिया बैक डेट में की जा रही थी।जिसका हम सभी लोगों ने विरोध किया।उस समय प्रबंधक की मनमानी नहीं चली तो प्रबंधक ने चोरी-छुपे व षड्यन्त्र रचकर कर उपप्रबन्धक रियाज अहमद तथा नायक सेक्रेटरी मोहम्मद अयूब दोनों को अपनी मनमानी करने के लिए मदरसा प्रबंध समिति से हटा कर दूसरे लोगों को नियुक्त कर दिया।हम सभी को हटाने के लिए भी मदरसा समिति के द्वारा किसी भी प्रकार की कोई खुली बैठक नहीं की गई और हम सभी को षड्यंत्र के आधार चोर- छुपे हटा दिया गया। हम लोगों को हटाने के बाद दोनों पदों पर चोरी छुपे तथा षड्यन्त्र रचकर नियुक्तियाँ कर दी गई है,जो आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रधान सदस्य: मदरसा अरबिया फैजुल उलूम पिपरी में जब प्रबंधक ने मकसूद आलम को लिपिक के पद पर और नुरुलहुदा को सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त कर दिया।जब इसकी जानकारी मदरसे के प्रधान सदस्य मोहम्मद इशहाक को हुई तो उन्होंने इसका विरोध किया तथा इसकी लिखी शिकायत दिनांक 14.7.2025 को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ सहित कई उच्च अधिकारियों से किया।जिसमें उन्होंने कहा है कि जब से यह मदरसा कायम हुआ है तब से हम मदरसे का प्रधान सदस्य रहा हूं तथा पूरी ईमानदारी के साथ मदरसे के साथ खड़ा रहता हूं।किंतु जब से मदरसे के प्रबंधक नुरुलहक खाँ बने है, तब से सारा कार्य अपनी मनमानी से कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि प्रबंधक और उनके कुछ करीबी सदस्यों ने मिलकर चोरी छिपे मदरसे में दो लोगों की नियुक्ति की है।इन्होंने प्रबंधक के ऊपर यह भी आरोप लगाया कि लिपिक और सहायक अध्यापक की नियुक्ति के लिए एक मोटी रकम भी ली गई है जिसके कारण नियुक्ति की हर प्रक्रिया चोरी-छुपे व षड्यन्त्र तरीके से की गई है।क्योंकि इस नियुक्ति की जानकारी समिति के अध्यक्ष व अन्य सदस्यों को नहीं है। विगत 2 वर्ष पूर्व भी यह नियुक्ति फर्जी तरीके से की जा रही थी जिसकी शिकायत जिलाधिकारी बलरामपुर से की गई तो उसे समय नियुक्ति नहीं हो सकी थी।इन्होंने बताया कि प्रबंधक ने बैक डेटिंग कर चोरी-छुपे मदरसे में दो पदों पर फर्जी तरीके से नियुक्ति कर लिया है।जबकि मदरसे में किसी भी प्रकार का कोई साक्षात्कार नहीं हुआ है।
उपप्रबंधक:-मदरसे के पूर्व उप प्रबंधक का कहना है कि मदरसे में जो दोनों नियुक्तियां की गई है वह पूरी तरह से फर्जी व नियम के विरुद्ध है।नियुक्ति के लिए समिति के द्वारा एक सार्वजनिक बैठक करके प्रस्ताव पास करना चाहिए जो नहीं हुआ है,पेपर में भी इसका गजट होना चाहिए वह भी शायद मेरी जानकारी में नहीं हुआ है,न ही मदरसे में किसी प्रकार का कोई साक्षात्कार हुआ है और न ही किसी परीक्षा का आयोजन किया गया है।इस नियुक्ति के संबंध में ऐसी कोई प्रक्रिया विद्यालय में नहीं कराई गई जो विद्यालय के अध्यापकों व समिति के सदस्यों को जानकारी हो।इन दोनों नियुक्ति के संबंध में किसी को कोई जानकारी नहीं है।नियुक्ति के बाद सभी को पता चला है तब से लोग इसका विरोध कर रहे तथा लोगों में आक्रोश भी व्याप्त है।आसपास के कुछ लोगों का कहना है कि नियुक्ति के संबंध में फर्जीवाड़ा करने के लिए प्रबंधक ने कई लोगों को समिति से हटा भी दिया है।
विद्यालय के अध्यापक मोहम्मद सलमान ने बताया कि मदरसे में प्रतियोगिता परीक्षा मदरसे के बरामदे में कराया गया हैं।किंतु जब इसके बारे में और जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि मुझे इसके बारे ममें कोई जानकारी नहीं है कि कितने लोग परीक्षा में बैठे थे?जिस व्यक्ति के सामने परीक्षा हुई हो उसे कुछ पता न हो,यह सोचने वाली बात है।बाद में पता चला कि अध्यापक मोहम्मद सलमान मदरसे में प्राइवेट है तथा प्रधानाचार्य के बेटे हैं।यहां सबसे अजीब बात यह है कि पिता जो प्रधानाचार्य है उन्हें कुछ पता ही नहीं है तथा यह कह रहे हैं कि विद्यालय में किसी प्रकार की कोई परीक्षा व साक्षात्कार नहीं हुआ है तथा बेटा कह रहा है की परीक्षा हुआ है वह भी बरामदे में,और ऊपर से कह रहे है कि इसके बारे में कुछ पता नहीं है,जिससे स्पष्ट होता है की नियुक्ति में कहीं न कहीं कुछ धांधली जरूर हुआ है।
जब इस संबंध में मदरसा अरबिया फैजुल उलूम पिपरी के प्रबंधक नुरुलहक खाँ से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लिपिक और सहायक अध्यापक की नियुक्ति सहित तरीके से की गई है।किन्तु जब उनसे इसके बारे में और जानकारी जैसे समिति की बैठक,प्रस्ताव,गजट आदि के बारे में की गई तो कुछ बताने को तैयार नहीं हुए।जब प्रबंधक से जानकारी की गई कि इन दोनों की नियुक्ति के संबंध में कितने आवेदन-पत्र प्राप्त हुए हैं,कितने आवेदन-पत्र स्वीकार किए गए हैं तथा कितने आवेदन-पत्र निरस्त किया गया है,और साक्षात्कार कहाँ कराई गयी,साक्षात्कार में परीक्षा में कितने अभ्यर्थी बैठे थे,परीक्षा फल आदि के बारे में कुछ बता नहीं पाये।केवल एक ही बात कह रहे हैं नियुक्ति सही तरीके से हुई है,जिससे इस नियुक्ति के ऊपर पूरी तरह से संदेश हो रहा है।विद्यालय में नियुक्त लिपिक मकसूद आलम तथा सहायक अध्यापक नुरुलहुदा से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि किस पेपर में और किस तारीख को ग़जट हुआ है इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है तथा नियुक्ति किस प्रक्रिया के तहत हुई है इन सब की मुझे कोई जानकारी नहीं है।यह सब जानकारी आप मदरसा प्रबंध समिति से कीजिए या प्रबंधक से कीजिये। इन सब बातों से की गई नियुक्तियों के ऊपर और अधिक शक होता जा रहा है कि कहीं न कहीं कुछ तो जरूर गड़बड़ है।
जब इस संबंध में जिला अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी यशवंत मौर्य से की गयी तो उन्होंने बताया कि नियुक्ति के बारे में जानकारी है।किन्तु नियुक्ति की सारी प्रक्रिया मदरसे के प्रबंध कमेटी व प्रधानाचार्य के द्वारा की जाती है।प्रधानाचार्य किसी भी प्रकार की नियुक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।यदि इस नियुक्ति की प्रक्रिया में जाँचोपरांत किसी भी प्रकार की अनियमितता पायी जाती है तो उचित कार्यवाही की जायेगी।उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक हमें इसके संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं प्राप्त हुई है।
इस प्रकार से उपयुक्त तथ्यों का अवलोकन करने के उपरांत यह स्पष्ट हो जाता है कि मदरसा अरबिया फैजुल उलूम पिपरी के प्रबंधक के द्वारा जो नियुक्ति लिपिक और सहायक अध्यापक की,की गई है उसमें कुछ न कुछ तथ्य छुपा करके नियुक्तियाँ की गई है।इन सारी बातों का खुलासा तो तभी होगा जब इसकी सही तरीके से जाँच कराई जाये। जांच के बाद ही पता चलेगा की सच्चाई क्या है।अब देखना यह है कि उक्त मदरसे में जो दो नियुक्तियां की गई है।उसकी जांच कराकर दोषियों पर वैधानिक कार्यवाही होती है? या जांच अधिकारी अपना हिस्सा लेकर मामले को कर देंगे रफादफा?

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