जनपद के पारंपरिक व्यंजन बनेंगे रोजगार का मजबूत माध्यम, सरकार देगी वित्तीय सहायता

Blog
News Bharat Times

जनपद के पारंपरिक व्यंजन बनेंगे रोजगार का मजबूत माध्यम, सरकार देगी वित्तीय सहायता

‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना से युवाओं और उद्यमियों को मिलेगा स्वरोजगार का सुनहरा अवसर।

नारियल बर्फी, कलाकंद, घमंजा और बलरामपुर चाट के कारोबार के लिए मिलेगा वित्तीय सहयोग।

स्थानीय स्वाद को मिलेगा नया बाजार, उद्यमियों के लिए आवेदन शुरू।

उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देने, स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा सूक्ष्म उद्यमों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘एक जनपद एक व्यंजन (ODOC) वित्त पोषण सहायता योजना’ संचालित की जा रही है।

इस योजना के अंतर्गत जनपद बलरामपुर के लिए नारियल बर्फी, कलाकंद, बलरामपुर का घमंजा एवं बलरामपुर का चाट को चयनित उत्पाद के रूप में शामिल किया गया है। इन व्यंजनों के निर्माण, प्रसंस्करण, सेवा अथवा व्यवसाय से जुड़े वर्तमान उद्यमी तथा इस क्षेत्र में नया उद्यम स्थापित करने के इच्छुक व्यक्ति योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। योजना के माध्यम से नए उद्यमों की स्थापना के साथ-साथ पहले से संचालित इकाइयों के विस्तार के लिए भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी विभागीय पोर्टल https://msme.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए आवेदक की आयु न्यूनतम 18 वर्ष होना आवश्यक है तथा किसी भी प्रकार की शैक्षिक योग्यता अनिवार्य नहीं है। साथ ही आवेदक ने भारत सरकार अथवा उत्तर प्रदेश सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का पूर्व में लाभ प्राप्त न किया हो। परिवार के केवल एक सदस्य को ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा। विशेष श्रेणी के लाभार्थियों को संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

योजना के अंतर्गत परियोजना लागत के अनुसार मार्जिन मनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। पात्र लाभार्थियों को निर्धारित सीमा तक परियोजना लागत के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत तथा विशेष श्रेणी (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, ट्रांसजेंडर, महिला एवं दिव्यांगजन) के लाभार्थियों को मात्र 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान जमा करना होगा। उद्यम के दो वर्ष तक सफल संचालन के उपरांत मार्जिन मनी को अनुदान के रूप में बैंक ऋण में समायोजित कर दिया जाएगा।

उपायुक्त उद्योग ने जनपद के युवाओं, उद्यमियों एवं पारंपरिक व्यंजन निर्माण से जुड़े सभी इच्छुक व्यक्तियों से अपील की है कि वे इस महत्वाकांक्षी योजना का अधिकाधिक लाभ उठाकर स्थानीय व्यंजनों को नई पहचान देने के साथ-साथ स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएं।

योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र के सहायक प्रबंधक से मोबाइल नंबर 9125703354 एवं 8287007994 पर संपर्क किया जा सकता है।