धान रोपाई और गन्ना टॉप ड्रेसिंग के लिए पर्याप्त यूरिया उपलब्ध
जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार ने जनपद के समस्त कृषक भाइयों से अपील की है कि वर्तमान समय में बरसात होने के कारण गन्ने की फसल में प्रयोग हेतु यूरिया उर्वरक की टॉपड्रेसिंग का कार्य तीव्र गति से चल रहा है, साथ ही साथ धान की रोपाई का कार्य भी प्रारम्भ हो गयी है, जिसमें प्रयोग करने हेतु सिंगल सुपर फास्फेट में नाइट्रोजन की मात्रा न होने के कारण मिक्चर बनाने हेतु यूरिया उर्वरक की माँग बढ़ गयी है। जनपद में यूरिया उर्वरक की कोई कमी नही है।
खरीफ अभियान 2026 में उर्वरकों के प्रयोग हेतु कृषक बन्धु अपने क्षेत्र के न्याय पंचायत/ग्राम पंचायत के अन्तर्गत आने वाले साधन सहकारी समितियों के सचिव से सम्पर्क स्थापित कर अपनी फसल की आवश्यकता के लिए नियमानुसार खतौनी/फार्मर रजिस्ट्री/सदस्यता पासबुक (सहकारी समिति के लिए) के आधार पर साधन सहकारी समिति पर उर्वरक की उपलब्धता होने की दशा में सुगमतापूर्वक वर्तमान समय में बोई गयी फसल की संस्तुति के आधार पर आवश्यकता के अनुसार उर्वरक क्रय कर सकते है।
आज दिनांक 10.07.2026 को जनपद में यूरिया-11228.521 मै०टन (249498 बोरी), डी०ए०पी०-4285.999 मै०टन (85720 बोरी), एम०ओ०पी०-53.575 मै०टन (1072 बोरी), एन०पी०के०-1466.045 मै०टन (29321 बोरी) एवं सिंगल सुपर फास्फेट-11475.552 मै०टन (229511 बोरी) जनपद के विभिन्न खुदरा उर्वरक विक्रेताओं, थोक उर्वरक विक्रेताओं एवं पी०सी०एफ० बफर गोदाम/सहकारिता में उपलब्ध है। खरीफ अभियान 2026-27 के अन्तर्गत दिनांक: 01.04.2026 से आज दिनांक: 09.07.2026 तक यूरिया-18045.850 मै०टन (400979 बोरी), डी०ए०पी०-1022.730 (20455 बोरी), एम०ओ०पी०-31.425 मै०टन (629 बोरी), एन०पी०के०-336.700 मै०टन (6734 बोरी) एवं सिंगल सुपर फास्फेट-2201.125 मै०टन (44023 बोरी) का वितरण हो चुका है। कृषक बन्धु से अपील है कि आवश्यकता से अधिक उर्वरक क्रय न करें।
जनपद के समस्त सहकारी समिति एवं फुटकर निजी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया जाता है कि खतौनी एवं फार्मर आईडी के अनुसार कृषकों को वर्तमान में बोई जाने वाली फसल जैसे धान, मक्का, दलहनी एवं तिलहनी फसल के लिये उर्वरकों का विक्रय करना सुनिश्चित करें, तथा वितरण रजिस्टर में उर्वरक क्रय करने वाले कृषकों का पूर्ण विवरण (आधार संख्या, खतौनी संख्या, फार्मर आईडी, रकबा, गाटा संख्या, मोबाइल नम्बर) एवं उर्वरक की मात्रा तथा उर्वरकों का प्रति बोरी दर का अंकन करना सुनिश्चित करें, तथा किसी भी दशा में निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरक का वितरण नही करेंगे, साथ ही गैर अनुदानित उत्पादों का टैगिंग कदापि नंही करेंगे। जनपद के समस्त खुदरा उर्वरक विक्रेता प्रातः 10:00 बजे से सायंकाल 04:00 बजे तक ही उर्वरक का वितरण पी०ओ० एस० मशीन के माध्यम से वितरण करेंगे, उक्त निर्देशों का उलंघन किये जाने पर सम्बन्धित उर्वरक विक्रेता के विरूद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश-1985 के अन्तर्गत विक्रेता को दोषी मानते हुए विधिक कार्यवाही की जायेगी, जिसके लिए विक्रेता स्वयं जिम्मेदार होगा।
