दिव्यांग छात्र-छात्राओं की पढ़ाई होगी और सुगम, ई-ट्राईसाइकिल योजना का मिलेगा लाभ
16 वर्ष या उससे अधिक आयु के अध्ययनरत दिव्यांग छात्र कर सकेंगे आवेदन, अधिकतम ₹65 हजार तक की ई-ट्राईसाइकिल अनुमन्य
जनपद में अध्ययनरत दिव्यांग छात्र-छात्राओं को शिक्षा एवं प्रशिक्षण के लिए आवागमन में सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में ई-ट्राईसाइकिल योजना संचालित की जा रही है। योजना के माध्यम से ऐसे दिव्यांग विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा, जिन्हें दैनिक रूप से विद्यालय, महाविद्यालय, शिक्षण अथवा प्रशिक्षण संस्थान तक आने-जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी राजीव कुमार यादव ने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांग छात्र-छात्राओं को ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराकर उनकी शिक्षा तक पहुंच को अधिक सुगम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। योजनान्तर्गत अधिकतम ₹65,000 प्रति ई-ट्राईसाइकिल की धनराशि अनुमन्य है।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ ऐसे दिव्यांग छात्र-छात्राओं को दिया जाएगा, जिनकी आयु 16 वर्ष या उससे अधिक हो तथा वे किसी स्कूल, कॉलेज, शिक्षण अथवा प्रशिक्षण संस्थान में अध्ययनरत हों। आवेदक की दिव्यांगता 40 प्रतिशत से अधिक होनी चाहिए तथा दिव्यांग प्रमाण-पत्र/यूडीआईडी कार्ड कार्यालय मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा प्रमाणित होना आवश्यक है।
योजना के अंतर्गत मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, स्ट्रोक, सेरेब्रल पाल्सी, हीमोफीलिया आदि से प्रभावित ऐसे दिव्यांग विद्यार्थी, जो शारीरिक रूप से ई-ट्राईसाइकिल चलाने में सक्षम हों, पात्रता की अन्य शर्तें पूर्ण करने पर आवेदन कर सकते हैं।
ई-ट्राईसाइकिल प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी को संबंधित विद्यालय, महाविद्यालय अथवा प्रशिक्षण संस्थान से अध्ययनरत होने का प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक एवं पात्र दिव्यांग छात्र-छात्राएं ई-ट्राईसाइकिल पोर्टल https://hwd.uphq.in/� पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन पूर्ण करने के उपरांत आवेदन पत्र एवं आवश्यक अभिलेखों/औपचारिकताओं को पूर्ण कर कार्यालय जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, विकास भवन, बलरामपुर में उपलब्ध कराना होगा, जिससे नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने जनपद के पात्र एवं अध्ययनरत दिव्यांग छात्र-छात्राओं से योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ई-ट्राईसाइकिल मिलने से विद्यार्थियों को शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों तक आवागमन में सहूलियत मिलेगी तथा वे अधिक आत्मनिर्भरता के साथ अपनी शिक्षा एवं कौशल विकास को आगे बढ़ा सकेंगे।
