धानेपुर, गोण्डा।
विकास के दावों की खुली पोल, खीरभारी नगर बना ‘तालाब’!
धानेपुर नगर पालिका के अंतर्गत आने वाला ग्रामसभा खीरभारी इन दिनों बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है,जिसने विकास के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हल्की बारिश होते ही गांव की सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं और टूटी सड़कों पर चलना ग्रामीणों के लिए किसी खतरे से कम नहीं।
💥 सवालों के घेरे में नगर पालिका प्रशासन
क्या नगर पालिका को पर्याप्त बजट नहीं मिल रहा, या फिर विकास कार्यों के नाम पर बजट का खेल हो रहा है?
यह सवाल अब ग्रामीण खुलकर पूछने लगे हैं।
🚧 नाली नहीं, सड़क नहीं—कैसा विकास?
ग्रामीणों का आरोप है कि न तो जल निकासी के लिए नाली बनाई गई है और न ही जर्जर सड़क की मरम्मत कराई गई।
नतीजा—
हर बारिश में घरों के सामने जलभराव,गंदगी और बीमारी का खतरा।
⚡ चुनावी रंजिश या प्रशासनिक लापरवाही?
गांव के लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और चेयरमैन प्रतिनिधि मंशाराम वर्मा मामले को टालते रहे। आरोप है कि चुनावी रंजिश के चलते विकास कार्यों को जानबूझकर रोका जा रहा है।
🗣️ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
पारस नाथ वर्मा, राम करन वर्मा, राजन वर्मा,राम सुरेश वर्मा,साजन वर्मा समेत कई ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन से जल्द नाली निर्माण और सड़क दुरुस्ती की मांग की है।
❗ जिम्मेदार कौन?
जब इस मुद्दे पर चेयरमैन से बात की गई तो उन्होंने खुद को मामले से अलग बताते हुए पल्ला झाड़ लिया।
👉 अब बड़ा सवाल यही—
क्या खीरभारी नगर को यूं ही बदहाली में छोड़ दिया जाएगा, या फिर जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई?
📢 जनता पूछ रही है—विकास कहां है?
