शिक्षक बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण के साथ राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की रखते हैं नींव-डीएम
कलेक्ट्रेट में भव्य शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित, उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों एवं कार्मिकों को किया गया सम्मानित।
बलरामपुर। देश के द्वितीय राष्ट्रपति, महान शिक्षाविद् एवं भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षक दिवस एवं शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपद के विभिन्न विकासखंडों के 29 शिक्षकों एवं कार्मिकों को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन एवं पुलिस अधीक्षक श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया। अधिकारियों ने महान शिक्षाविद् के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को नमन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की कार्यशैली पर निर्भर करता है। शिक्षक का दायित्व केवल बच्चों को पाठ्यक्रम और किताबी ज्ञान उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व का निर्माण करना भी है। शिक्षक बच्चों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास, अनुशासन, रचनात्मकता और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चा अपनी अलग प्रतिभा और क्षमता लेकर आता है। एक कुशल शिक्षक उस प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा देने का कार्य करता है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि विद्यालयों में ऐसा सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण तैयार करें, जहां बच्चे बिना किसी झिझक के सवाल पूछ सकें, नई चीजें सीख सकें और अपनी प्रतिभा को सामने ला सकें।
डीएम ने कहा कि बच्चों की शैक्षिक प्रगति पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दिया जाना आवश्यक है, ताकि सीखने की प्रक्रिया में कोई भी बच्चा पीछे न रह जाए। उन्होंने शिक्षकों को नवाचार एवं रोचक शिक्षण पद्धतियों को अपनाने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए पठन-पाठन को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का सम्मान केवल उनके कार्य की सराहना नहीं, बल्कि अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का माध्यम है। प्रत्येक शिक्षक अपने विद्यालय को बच्चों के बेहतर भविष्य के निर्माण का केंद्र बनाए। शिक्षक की सबसे बड़ी उपलब्धि उसके विद्यार्थियों की सफलता और उनका एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में योगदान देना है।
इन शिक्षकों को मिला सम्मान।
शिक्षक सम्मान समारोह में बलरामपुर विकासखंड से श्रीमती प्रियंका तिवारी एवं श्रीमती निर्मला कुमारी, उतरौला से श्रीमती रंजना गुप्ता एवं श्रीमती शशिना वर्मा, हरैया सतघरवा से श्री अवध बिहारी एवं श्रीमती आशा गौतम, पचपेड़वा से श्री मनोज कुमार मिश्र एवं श्री रजनीश, गैसड़ी से श्री राघवेन्द्र सिंह एवं श्री हरिराम गुप्ता, तुलसीपुर से श्री शुभम श्रीवास्तव एवं श्री अमित गुप्ता, श्रीदत्तगंज से श्री शिव प्रसाद एवं मो. असरार सिद्दीकी, रेहरा बाजार से श्री रामेश्वर कुमार वर्मा एवं श्री जितेन्द्र कुमार प्रजापति, नगर बलरामपुर से श्री मनीष वर्मा एवं श्रीमती प्रतिमा करौली तथा गैड़ास बुजुर्ग से श्री कुतुबुल्लाह खान एवं श्री शिव कुमार को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
वहीं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय गैड़ास बुजुर्ग की श्रीमती ममता यादव, तुलसीपुर की श्रीमती संगीता मिश्र तथा बलरामपुर देहात की कु. स्नेहलता को भी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों एवं कार्मिकों ने जिलाधिकारी द्वारा किए गए सम्मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने सभी सम्मानित शिक्षकों एवं कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि जनपद के शिक्षक इसी समर्पण, नवाचार और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ जिले के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करेंगे।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री हिमांशु गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री विकास श्रीवास्तव, खंड शिक्षा अधिकारी श्री अशोक पाठक सहित अन्य संबंधित अधिकारी, कर्मचारी एवं शिक्षक मौजूद रहे।
