डीएम का अभिनव प्रयास—विद्यालय में ही चिन्हित होंगे जन्म प्रमाणपत्र से वंचित बच्चे, योजनाओं से भी होंगे आच्छादित

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डीएम का अभिनव प्रयास—विद्यालय में ही चिन्हित होंगे जन्म प्रमाणपत्र से वंचित बच्चे, योजनाओं से भी होंगे आच्छादित

*प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए चलेगा विशेष अभियान*

*जन्म प्रमाणपत्र के साथ पात्र छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला एवं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) से आच्छादित करने की पहल*

*विद्यालय से ग्राम पंचायत/नगर निकाय और तहसील तक तय की गई जिम्मेदारी, समयबद्ध निस्तारण के लिए डीएम ने जारी की विस्तृत SOP।

बच्चों के सरलता से जन्म प्रमाणपत्र बनवाने तथा पात्र छात्र-छात्राओं को शासन की महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय से मिल सके, इसके लिए जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन द्वारा अभिनव पहल की गई है।

जिलाधिकारी द्वारा जनपद के समस्त ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत ऐसे छात्र-छात्राओं, जिनका जन्म प्रमाणपत्र अभी तक नहीं बन पाया है, के जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए विशेष अभियान संचालित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही विद्यालयों में अध्ययनरत पात्र छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना “सामान्य” से आच्छादित किए जाने पर भी विशेष जोर दिया गया है।

इस पूरे अभियान की खास बात यह है कि जन्म प्रमाणपत्र से वंचित बच्चों की पहचान विद्यालय स्तर पर ही की जाएगी।

 

प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक अपने विद्यालय में अध्ययनरत ऐसे सभी छात्र-छात्राओं की सूची तैयार करेंगे, जिनका जन्म प्रमाणपत्र किन्हीं कारणों से अब तक नहीं बन पाया है। संबंधित बच्चों के अभिभावकों से आवश्यक अभिलेख प्राप्त कर जन्म प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

*एक अभियान में तीन महत्वपूर्ण उद्देश्यों पर फोकस*

जिलाधिकारी की इस पहल के माध्यम से मुख्य रूप से तीन उद्देश्यों को एक साथ पूरा करने का प्रयास किया जाएगा—बच्चों का जन्म पंजीकरण सुनिश्चित करना, पात्र बालिकाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से जोड़ना तथा पात्र बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना “सामान्य” का लाभ दिलाना।

इससे जहां छात्र-छात्राओं को भविष्य में विद्यालयी शिक्षा, प्रवेश एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं में आवश्यक जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध हो सकेगा, वहीं पात्र बच्चों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने में भी तेजी आएगी।

*विद्यालय स्तर से शुरू होगी प्रक्रिया*

डीएम द्वारा जारी विस्तृत SOP में प्रत्येक स्तर की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक जन्म प्रमाणपत्र से वंचित छात्र-छात्राओं को चिन्हित कर उनकी सूची तैयार करेंगे तथा अभिभावकों से आवश्यक दस्तावेज एकत्र करेंगे।

ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित अभिलेख ग्राम पंचायत सचिव/जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार को उपलब्ध कराए जाएंगे। ग्राम पंचायत सचिव अभिलेखों एवं जन्म संबंधी तथ्यों की आवश्यक जांच एवं सत्यापन करते हुए प्रकरण को अग्रिम कार्रवाई के लिए खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे।

खण्ड विकास अधिकारी द्वारा प्रत्येक प्रकरण में आवश्यक अभिलेख एवं जांच आख्या की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए प्रकरणों को समेकित रूप से स्पष्ट आख्या एवं संस्तुति के साथ संबंधित उपजिलाधिकारी को भेजा जाएगा। निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।

*शहरी क्षेत्रों के लिए भी स्पष्ट व्यवस्था*

शहरी क्षेत्रों में खण्ड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र द्वारा संबंधित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों से आवेदन एवं अभिलेख प्राप्त कर संबंधित अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत को उपलब्ध कराए जाएंगे।

अधिशासी अधिकारी/जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार प्राप्त प्रकरणों को रजिस्टर में दर्ज करते हुए आवश्यक परीक्षण के बाद स्पष्ट आख्या एवं संस्तुति सहित संबंधित उपजिलाधिकारी को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजेंगे।

*RCCMS के माध्यम से होगी समयबद्ध कार्रवाई*

प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की आयु को देखते हुए विलंबित जन्म पंजीकरण से संबंधित प्रकरणों में सक्षम अधिकारी के आदेश की आवश्यकता होने पर संबंधित उपजिलाधिकारी द्वारा प्राप्त प्रकरणों पर नियमानुसार RCCMS पोर्टल पर कार्रवाई की जाएगी।

उपजिलाधिकारी द्वारा ब्लॉकवार एवं निकायवार प्रकरणों का स्पष्ट उल्लेख करते हुए नियमानुसार आदेश निर्गत किया जाएगा। आदेश की प्रति संबंधित खण्ड विकास अधिकारी अथवा अधिशासी अधिकारी को तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि जन्म पंजीकरण एवं प्रमाणपत्र जारी करने की आगे की प्रक्रिया कम से कम समय में पूरी हो सके।

सक्षम अधिकारी का आदेश प्राप्त होने के बाद संबंधित जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार द्वारा नियमानुसार जन्म पंजीकरण करते हुए छात्र-छात्राओं का जन्म प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। प्रमाणपत्र अथवा इसकी सूचना संबंधित विद्यालय/अभिभावक को उपलब्ध कराई जाएगी।

*कन्या सुमंगला योजना से पात्र बालिकाओं को जोड़ने पर विशेष जोर*

अभियान के दौरान विद्यालयों में अध्ययनरत पात्र बालिकाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से जोड़ने की भी कार्रवाई की जाएगी। योजना के अंतर्गत विभिन्न चरणों में बालिका के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा में प्रवेश तक आर्थिक सहायता का प्रावधान है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 से योजना के अंतर्गत छह श्रेणियों में मिलने वाली कुल सहायता राशि ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 की गई है। इसमें जन्म पर ₹5,000, एक वर्ष तक टीकाकरण पूर्ण होने पर ₹2,000, कक्षा-1 में प्रवेश पर ₹3,000, कक्षा-6 में प्रवेश पर ₹3,000, कक्षा-9 में प्रवेश पर ₹5,000 तथा 10वीं अथवा 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद दो वर्षीय या अधिक अवधि के डिप्लोमा अथवा स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश पर ₹7,000 की सहायता का प्रावधान है।

*मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना “सामान्य” के पात्र बच्चों का भी होगा चिन्हांकन*

विशेष अभियान में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना “सामान्य” के अंतर्गत पात्र बच्चों को भी चिन्हित करते हुए आवेदन कराने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विद्यालय स्तर पर आवश्यक अभिलेख जुटाने में सहयोग प्रदान किया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों के ऑनलाइन आवेदन संबंधित खण्ड विकास अधिकारी तथा शहरी क्षेत्रों के आवेदन संबंधित उपजिलाधिकारी के लॉग-इन पर अग्रिम कार्रवाई के लिए उपलब्ध होंगे। जांच के उपरांत इन्हें जिला प्रोबेशन अधिकारी के स्तर पर अग्रसारित किया जाएगा तथा नियमानुसार जिला अनुश्रवण समिति के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

*हर स्तर की जवाबदेही तय*

डीएम ने अभियान को केवल निर्देश तक सीमित न रखते हुए विद्यालय से लेकर ग्राम पंचायत, विकास खण्ड, नगर निकाय, तहसील एवं जिला स्तर तक अधिकारियों की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निर्धारित की है। प्राप्त प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने तथा निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

अभियान के अंत में प्रत्येक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक को निर्धारित प्रारूप पर इस आशय का प्रमाणपत्र भी देना होगा कि उनके विद्यालय में ऐसा कोई छात्र-छात्रा शेष नहीं है, जिसका नियमानुसार जन्म प्रमाणपत्र बनना बाकी है।

जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की यह अभिनव पहल विद्यालय को केंद्र बनाकर बच्चों को आवश्यक दस्तावेज एवं पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं से जोड़ने की समन्वित व्यवस्था तैयार करती है। इससे अभिभावकों के समय की बचत के साथ विभागों के बीच बेहतर समन्वय एवं पात्र बच्चों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।