जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में विधि छात्रों हेतु इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में विधि छात्रों हेतु इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

जनपद में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में विधि छात्रों के लिए आयोजित इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को न्यायालयीन कार्यप्रणाली, दीवानी वादों की प्रक्रिया एवं न्यायिक व्यवस्था की व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विधि छात्रों को न्यायालयों के कार्य संचालन, न्यायिक अनुशासन तथा विधिक प्रक्रिया की व्यावहारिक समझ विकसित कराना रहा।

इस अवसर पर सिविल जज (जू.डि.) श्री प्रभात कुमार दुबे द्वारा प्रशिक्षु विधि छात्रों को दीवानी मामलों की सुनवाई, वाद पंजीकरण, नोटिस प्रक्रिया, साक्ष्य एवं न्यायालयीन कार्यवाही की विभिन्न प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने छात्रों को सिविल न्यायालयों की कार्यप्रणाली से अवगत कराते हुए बताया कि न्यायिक प्रक्रिया में प्रत्येक चरण का विशेष महत्व होता है तथा विधि व्यवसाय में सफलता हेतु व्यवहारिक ज्ञान अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि न्यायालय केवल विधिक विवादों के निस्तारण का मंच नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों एवं न्याय व्यवस्था की गरिमा का प्रतीक है। विद्यार्थियों को न्यायालयीन कार्यवाहियों का सूक्ष्म अवलोकन कर न्यायिक प्रणाली की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने छात्रों को न्यायिक अनुशासन, समयपालन एवं पेशेवर आचरण के महत्व से भी अवगत कराया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री यशपाल वर्मा ने विधि छात्रों को न्यायालयीन कार्यप्रणाली की बारीकियों से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप प्रशिक्षण विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसके माध्यम से वे पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ न्यायालय की व्यवहारिक प्रणाली को निकट से समझ सकते हैं।

उन्होंने छात्रों को न्यायालय परिसर में शिष्ट एवं मर्यादित व्यवहार बनाए रखने, अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों एवं न्यायालय कर्मियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा प्रत्येक प्रक्रिया को गंभीरता से सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक सफल विधि विशेषज्ञ बनने के लिए विधिक ज्ञान के साथ व्यवहारिक समझ, संवेदनशीलता एवं नैतिक मूल्यों का होना भी आवश्यक है।

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का प्रमुख उद्देश्य है तथा विधि छात्र भविष्य में समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान विधि छात्रों ने न्यायालयीन प्रक्रियाओं से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाएं भी व्यक्त कीं, जिनका न्यायिक अधिकारियों द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए न्यायालयीन कार्यप्रणाली को निकट से समझने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।