रेहरा बाजार से बड़ी खबर,परमिट की आड़ में सैकड़ों हरे पेड़ों के कटान का आरोप,

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रेहरा बाजार से बड़ी खबर,परमिट की आड़ में सैकड़ों हरे पेड़ों के कटान का आरोप,

लकड़ी माफियाओं पर वन विभाग की कथित मेहरबानी, जिम्मेदारों की भूमिका पर उठे सवाल,

रेहरा बाजार (बलरामपुर)। रेहरा वन रेंज क्षेत्र में हरे पेड़ों की कटान को लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, ग्राम सभा सहजौरा के मजरा राधिका नगर में राम संजीवन यादव के खेत में पिपरा ग्रांट वन चौकी के बगल बड़ी संख्या में हरे सागौन के पेड़ों की कटान कराई गई है।

आरोप है कि परमिट की आड़ में निर्धारित संख्या से अधिक पेड़ों की कटान कराई गई। स्थानीय लोगों का दावा है कि दो मशीनों के जरिए करीब तीन दिनों में 250 से अधिक पेड़ों की कटान की गई। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि संबंधित वन क्षेत्राधिकारी के पास परमिट में स्वीकृत पेड़ों की संख्या और मौके पर काटे गए पेड़ों की संख्या का स्पष्ट विवरण क्यों नहीं है। आरोप यह भी है कि विभागीय स्तर पर उच्चाधिकारियों को वास्तविक स्थिति से अलग जानकारी दी जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, कटान के बाद पेड़ों के बूट (ठूंठ) तक हटाकर जमीन को समतल करने का प्रयास किया गया, ताकि मौके से कटान के साक्ष्य कम किए जा सकें। हालांकि इस आरोप की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इतने बड़े पैमाने पर हरे पेड़ों की कटान हुई है तो वन विभाग द्वारा परमिट, कटान की स्वीकृत संख्या, मौके की जांच और काटे गए पेड़ों का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

अब सवाल यह है कि क्या वन विभाग के उच्चाधिकारी मौके की जांच कराकर परमिट और वास्तविक कटान का मिलान करेंगे? यदि अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?

मामले में विभागीय जांच और आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।